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तहसील लहरपुर मे लगभग 300 ग्रामीणों ने रात करीब 9 बजे तहसील परिसर को घेर पूर्ति निरीक्षक पर लगाये गंभीर आरोप

रिपोर्ट एहतिशाम बेग

लहरपुर तहसील के सामने रात 9:00 बजे करीब 300 ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत मोहारी ब्लाक सकरन से आकर के लोगों ने लहरपुर तहसील में धरना दिया पर तहसील की मुखिया व व कर्मचारी उनका हाल पूछने नही आया आते भी कैसे जब तहसील के आवास में कोई ठहरता ही नही ग्रामीणों का कहना है कि हम कोटे के मामले को लेकर उपजिलाधिकारी साहब से मिलने आए हैं जिसमें उपजिलाधिकारी महोदया अपने आवास पर नहीं मिली इसके कारण यह लोग तहसील गेट पर बैठे हुए रो रहे हैं इन लोगों का कहना है कि प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है हम तीन दिन से सीतापुर मुख्यलय पर धरना दे रहे थे जब हमारी वहां नही सुनी गयी तो वापस रात में भाग कर यहां आए हैं ना तो हम को न्याय मिल पा रहा है हम लोग कहां जाएं और गांव वालों का कहना है कि ग्राम पंचायत मोहारी में कोटे का चुनाव हुआ था जिसमे ग्राम प्रधान चन्द्रभान ने दबंगई तरीके से चुनाव में बेईमानी करवाई है बल्कि दूसरे पक्ष को जीत हासिल हुई थी फिर भी प्रधान ने पूर्ति निरीक्षक को मोटी रकम देकर चुनाव अपने पक्ष में करा लिया हारे हुए कोटेदार को जीता हुआ बताया उधर ग्राम वासियों का कहना है की चुनाव फिर से होना चाहिए उच्च अधिकारियों की निगरानी में ग्राम वासियों का कहना है कि सप्लाई इंस्पेक्टर ने गलत तरीके से ग्राम मुहारी की जांच करके गलत तरीके से कोटा विपक्षी को मोटी रकम लेने के बाद दे दिया हम सब को न्याय चाहिए उधर एक कैलाश नाम के ग्रामीण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मेरा आया था उसमें प्रधान ने मुझसे बीस हज़ार रुपये घूस ले लिया जिससे मेरे आवास की छत आज भी नही बन पाई है सिर्फ दीवार ही खड़ी है गांव वालों का कहना यहाँ तक कहना कि प्रशासन प्रधान चन्द्रभान से मोटी रकम लेकर कोई कार्यवाही नही कर रहा है ।गांव वालों का कहना है कि हमने जिलाधिकारी को भी अवगत कराया उन्होंने लिख कर भी दिया फिर भी उनके आदेश का पालन न हुआ तो अब हम जाए तो कहां जाए जब जिले के मुखिया की नही सुनी जा रही है तो हमारी क्या सुनी जाएगी । गांव वालों का कहना कि विकास ने नाम पर गांव भी कोई काम नही हुआ है प्रधान ने शासन की योजनाओं पर अपनी मनमानी चला रखी है गांव वालों का कहना है कि जब इस सिलसिले में पूर्ति निरीक्षक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैंने जांच कर ली है सब सही है आप राजेन्द्र का बयान करा दो ग्रामीणों का कहना है अगर इसकी जाँच की जाए तो प्रधान को लेने के देने पड सकते है पर सवाल यह उठता है कि इसकी जाँच करेगा कौन ?