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दो मासूम बच्ची और अपनी पत्नी के साथ धरने पर बैठे गया सरपंच

बालोद। छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में जिस तरह नाबालिग बालिकाओं और महिलाओं के साथ इंसान के रूपी वहशी दरिंदों ने घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे घटनाओं ने एक पिता और पति को झकझोर कर रख दिया है कि वह अपने पत्नी और बच्चियों को ऐसे दरिंदों से कैसे बचाएंगे। जी हां दो मासूम बच्ची और अपनी पत्नी के साथ धरने पर बैठे यह इंसान ग्राम पंचायत देवगन के सरपंच लोकेन्द्र साहू है, जो छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया है…देवेन्द्र का मानना है कि शराब की वजह से नाबालिग बालिकाओं और महिलाओं के साथ इंसान के रूपी वहशी दरिंदों ने घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहे हैं.. अत: प्रदेश में शराबबंदी लागू होने से दुष्कर्म के मामले काफी कमी आएगी।

दरअसल जिले के गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से लगे कचांदुर में ग्राम पंचायत देवगन के सरपंच लोकेन्द्र साहू ,अपने दो मासूम बच्ची और अपनी पत्नी के साथ छत्तीसगढ़ में पूर्णता शराबबंदी को लेकर स्वर्गीय ताराचंद साहू के मूर्ति के सामने पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन के लिए धरने पर बैठे हैं।

उनका मानना है कि बालिकाओं और महिलाओं के साथ हो रहे रेप की घटना अधिकांश शराब की लत के चलते हो रहे और ऐसे में राज्य सरकार खुद शराब बेच रहे हैं तो क्यों ना सरकार शराब छत्तीसगढ़ में पूरी तरह बंद करें और बेटी और बहनों को बचाएं। वहीं उनके इस अभियान पर उनकी पत्नी ने भी स्वाभाविकता निभाते हुए उनके साथ धरने पर बैठ गई हैं और अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, ताकि महिलाओं -बेटियों साथ हो रहे इस कृत्य को रोका जा सके। दोनों पति-पत्नी का कहना है कि जब तक छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी नहीं होगी तब तक वह अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे रहेंगे।

बहरहाल बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं का नारा देकर सरकार बेटियों को बचाने लाख जतन कर ले, असल में पर जमीनी स्तर पर उतारे बिना यह सफल नहीं होगा। ऐसे में धरने पर बैठे लोकेन्द्र साहू और उनकी पत्नी की इस अभियान में आम नागरिकों को भी शामिल होकर इस अभियान को सफल बनाने की जरुरत है।