Home Dhamtari छत्तीसगढ़ प्रशासन राजनीति शिक्षा सरकार ने देरी की, तो ग्रामीणों ने श्रमदान...

छत्तीसगढ़ प्रशासन राजनीति शिक्षा सरकार ने देरी की, तो ग्रामीणों ने श्रमदान से बना ली हाई स्कूल की नई बिल्डिंग

कांकेर। जिले के नरहरपुर विकासखंड के तीन गावों के ग्रामीणों ने जो काम किया है, वह सभी के लिए प्रेरणा है। सरकार ने स्कूल भवन बनाने में देरी की, आपस में मिलकर श्रमदान का फैसला लिया। देखते ही देखते स्कूल भवन तैयार हो गया। यहां हाई स्कूल की पढ़ाई होगी।

विकास खण्ड नरहरपुर के ग्राम नावडबरी, कोसुमपानी और लिलवापहर के ग्रामीणों ने बताया कि यह भवन तीनों गांवों के मध्य में बीच है और यह 11 एकड़ जमीन नावडबरी में स्कूल के लिए पहले ही तय किया जा चूका था। भवन के लिए तीनों गांवों के बुजुर्गो के द्वारा विशेष बैठक बुलाने के बाद श्रमदान का निर्णय लिया गया। तीनों गाँव के ग्रामीणों ने मिलकर काम करना शुरू किया और गर्मी के दिनों में ही यह स्कूल भवन तैयार हो गया।

ग्रामीणों के इस प्रयास की चारों तरफ चर्चा हो रही है। हालाँकि पहुँचविहीन इलाकों में शिक्षा की अलख जगाने ने सरकारी दावों की असलियत भी इस घटना से दिख रही है। आपको बता दें कि इन गाँव के बच्चों को बारिश के दिनों में नदी-नाले पार करके स्कूल जाना पड़ता है। इसलिए ग्रामीणों ने श्रमदान का फैसला लिया।