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साक्षर भारत के प्रेरकों ने कहा- हमारे भी अच्छे दिन दिन ला दो साहब !

 कांकेर रिपोर्ट:- विरेन्द्र यादव

  • कांकेर। नियमितीकरण और हर महीने 15 हजार रुपए मानदेय समेत 7 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत प्रेरक संघ शुक्रवार को सड़क पर उतरा। प्रेरकों ने रैली निकालकर तहसीलदार को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
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  • प्रेरकों का कहना है कि साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में 16802 प्रेरकों की नियुक्ति हुई थी। प्रेरक को 3 माह में 30 अक्षासरों का साक्षर करने की जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसे हमने बखूबी अंजाम दिया। छत्तीसगढ़ में साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत 6 लाख महिला एवं 1 लाख पुरूष अक्षासरों को साक्षर किया। इसके एवज में प्रतिदिन 66.70 रू अर्थात 2000 रूपए मासिक मानदेय दिया गया था।
  • यह कार्यक्रम 31 फरवरी 2018 को बंद हो गया। इसके बाद सरकार ने प्रेरकों को कहीं नहीं रखा। इससे सभी बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।प्रेरकों ने प्रशासन को ज्ञापन में मांगों को दर्शाते हुए यह भी लिखा है कि हमारी समस्या का जल्द समाधान करें, ताकि जिससे हमारे भी अच्छे दिन आ सकें।
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  • ये हैं प्रेरकों मांगें –
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  • ⦁ वेतनमान के साथ नियमित किया जाये।
  • ⦁ नियमितकरण प्रक्रिया पुरी होने तक मानदेय 15000 रूपए किया जाए।
  • ⦁ प्रेरकों को तत्काल स्थाई रोजगार प्रदान करने की सुमचित व्यवस्था किया जाये ।
  • ⦁ आने वाले कार्यक्रम में प्रेरकों को स्थाई किया जाए।
  • ⦁ 2013  के चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप शिक्षाकर्मी में संविलयन हो।
  • ⦁ साक्षर भारत योजना को पुन: शुरू किया जाये व अन्य योजना में जोड़कर सबको बहाली की जाए।
  • ⦁ लोक शिक्षा केंन्द्र से सामग्री प्रेरकों से विभााग द्वारा जमा करवाने की आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।