Home Shravasti माह जुलाई में मनाया जायेगा संचारी रोग नियंत्रण माह-जिलाधिकारी

माह जुलाई में मनाया जायेगा संचारी रोग नियंत्रण माह-जिलाधिकारी

ब्यूरो प्रदीप गुप्ता

श्रावस्ती। जुलाई  में संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जाना है इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जायें तथा कार्ययोजना बनाकर एवं सभी सम्बन्धित विभागों से सामंजस्य स्थापित कर इसका दिमागी बुखार से बचाव हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लोगों को जनजागरूक किया जाये ताकि इस रोग से कोई भी जनपद वासी ग्रसित न होने पाये।

उक्त विचार कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य,बेसिक शिक्षा एवं आई0सी0डी0एस0 विभाग के अधिकारियों के साथ संचारी रोग नियंत्रण माह से सम्बन्धित तैयारी बैठक करते हुये जिलाधिकारी दीपक मीणा ने व्यक्त किया। उन्होेंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जन-जन को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संक्रामक बीमारियां/दिमागी बुखार से बचाव हेतु स्वच्छता के साथ-साथ खान-पान, रहन-सहन एवं शुद्ध पेयजल के प्रति लोगों को विशेष जागरुक करने की आवश्यकता है क्योंकि स्वच्छता अपनाकर ही हम सम्पूर्ण समाज को स्वस्थ रख सकते हैं। लोग जागरुक होंगे तो निश्चित ही संक्रामक रोगों के उत्पन्न होने का खतरा कम होगा। 

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया है कि ब्लाक स्तर पर इस बीमारी के रोकथाम हेतु गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा जिसमें ग्राम प्रधानों को भी विशेष रूप से आमन्त्रित किया जायेगा ताकि वे अपने ग्राम पंचायत में भी स्वच्छता अपनाने के प्रति लोगों को जागरुक कर सकें। बरसात/बाढ़ के दौरान संचारी रोग/दिमागी बुखार उत्पन्न होने की प्रबल सम्भावना रहती है जिससे लोगों को जागरुक करके ही इस बीमारी से बचाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों एवं कस्बों में व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों, खुले में शौच न करने, शुद्ध पेयजल के प्रयोग तथा मच्छरों के रोकथाम हेतु जनजागरुकता अभियान चलाया जाय और इसके साथ ही वातावरणीय स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया जाये। शूकर पशु पालकों को अन्य व्यवसाय जैसे पोल्ट्री उद्योग को अपनाने हेतु जागरुक एवं प्रेरित किया जाये। इसके अतिरिक्त शूकर पालन स्थल पर वेक्टर नियंत्रण एवं सीरो सर्विलेंस की व्यवस्था करना यथासम्भव शूकरबाड़े को मनुष्य आबादी से दूर ही स्थापित कराया जाय जिससे संक्रामक बीमारियां पैदा होने का खतरा न होने पाये। 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, प्रशिक्षु आई0ए0एस0 सीपू गिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 मुकेश मातनहेलिया, सभी सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 के प्रभारी चिकित्साधिकारीगण एवं पैरामेडिकल कर्मी उपस्थित रहे।