Home Shravasti बेरोजगारों को हुनरमंद बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मंत्री

बेरोजगारों को हुनरमंद बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मंत्री

ब्यूरो प्रदीप गुप्ता

श्रावस्ती। ऐसे बेरोजगार जो हुन्नमंद होने की सोचतें थे किन्तु अपनी अपनी गारीबी और लाचारी के कारण कंही शहर में जाकर प्रशिक्षण नही ले पाते थे और उनकी इच्छा उनके मन में दबी रह जाती थी और वे अप्रशिक्षित होने के कारण इधर उधर भटकते रहते थे। इन बेरोजगारों की पीड़ा को देखते हुए भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने हर जिले में कौशल विकास मिशन योजना चलाकर बेरोजगारों को उनकी अभिरूचि के अनुसार निःशुल्क हुन्नरमंद बनाया जा रहा है ताकि वे रोजगार अपना कर आत्म निर्भर बन सके। उक्त विचार लोक निर्माण विभाग भिनगा के डाक बंगले में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करने के दौरान राज्यमंत्री, आवास एवं शहरी नियोजन तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास सुरेश पासी ने व्यक्त किया है। उन्होने जोर देते हुए कहा कि कौशल विकाश मिशन योजना बेरोजगारों के लिए वरदान है, भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार रोजगार की वृद्धि और आय में वृद्धि सरकार की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है कौशल विकास एवं बेहतर उपाय है रोजगार में वृद्धि लाने के लिए ऐसे प्रतिभागी जो केन्द्र पर प्रशिक्षण प्राप्त करके वह स्वावलंबी बन सकते हैं और अपने परिवार का जीविकोपार्जन चला सकते हैं और उन्हें बेरोजगारी से निजात मिलेगा अगर जीवन को सफल बनाना है तो उसे स्वावलंबी बनना पड़ेगा वह कौशल विकाश मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर हुनर सीख कर अपने कर्तव्य का पालन कर एक नई दिशा ले सकता है। इस अवसर पर विधायक राम फेरन पाण्डेय ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिये भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने अनेक कार्यक्रमों को शुरु किया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये सबसे महत्वपूर्ण कदम प्रदेश कौशल विकास मिशन केन्द्र कार्यक्रमों की शुरुआत करके की है। इसका उद्देश्य भारत के युवाओं के कौशल के विकास के लिये उन क्षेत्रों में अवसर प्रदान करना है जो कई वर्षों से अविकसित है। इसके साथ ही साथ विकास करने के नये क्षेत्रों की पहचान करके उन्हें विकसित करने के प्रयास करना है। कौशल आधारित विकास गतिविधियों के विभिन्न स्तरों वाले जिलों का मिश्रण सुनिश्चित करने के लिए उनके सामाजिक-आर्थिक, जनसांख्यिकीय और कौशल आधारित प्रशिक्षण क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि कौशल विकास मिशन का उद्देश्य है कि गरीबी के कारण जो बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित करना, योजनाबद्ध तरीके से गरीबों और गरीब नौजवानों को संगठित करके उनके कौशल को सही दिशा में प्रशिक्षित करके गरीबी का उन्मूलन करना, गरीबी को दूर करने के साथ-साथ गरीब लोगों, परिवारों तथा युवाओं में नया सामर्थ भर के आगे बढ़ने का आत्मविश्वास लाना तथा देश में नयी ऊर्जा लाने का प्रयास करना। उन्होने कहा कि देश के युवा और नौजवानों के लिये रोजगार उपलब्ध कराने के लिये उन्हें रोजगार के योग्य बनाने के लिये पूरी एक व्यवस्था के निर्माण को देश की प्राथमिकताओं में शामिल करना। मंत्री ने उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद की समीक्षा की जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 240 आवासों  के सापेक्ष नगर निकाय भिनगा के 89 लाभार्थियों की जियो टैगिंग सूडा द्वारा नामित संस्था द्वारा की गयी है जिसमें से 57 लाभार्थियों को प्रथम किस्त अवमुक्त की जा चुकी है। प्रथम किस्त अवमुक्त लाभार्थियों में से 27 लाभार्थियों को द्वितीय किश्त भी अवमुक्त कर दी गयी है। नगर निकाय इकौना में 22 लाभार्थियों की जियो टैगिंग की जा चुकी है जिसमें से 14 लाभार्थियों को प्रथम किश्त अवमुक्त की जा चुकी है। प्रथम किश्त अवमुक्त लाभार्थियों में से 05 लाभार्थियों को द्वितीय किश्त भी अवमुक्त कर दी गई है अवशेष आवासों पर कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि आसरा योजनान्तर्गत नगर पालिका भिनगा के 24 में 24 तथा नगर पंचायत इकौना के 36 में 24 आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पाण्डेय, नगर पालिका भिनगा अध्यक्ष अजय आर्य, सिंचाई बन्धु के उपाध्यक्ष उदय प्रताप नारायण सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह, रणवीर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी महेश मिश्रा ओम, प्राचार्य आई0टी0आई0 राम सिंह, कौशल विकाश मिशन के जिला प्रबन्धक अखिलेश, संदीप सिंह, एवं जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा के जिला प्रबन्धक राज किशोर, पंकज श्रीवास्तव, पवन मिश्रा उपस्थित रहे।