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बाँदा सब पढे और सब बढे मोदी व योगी सरकार के नारे की उडाई जा रही धज्जियाँ………

बाँदा सब पढे और सब बढे मोदी व योगी सरकार

बाँदा रिपोर्ट के के गुप्ता :- जनपद मे चल रहे मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त विद्मालयो के हाल ऐसे है कि खुलेआम अभिभावकों की जेब मे डाका डाल रहे है, वही प्रशासन मूकदर्शक बना सब कुछ देख रहा है। इसके शिकार स्वयं आला अधिकारी भी है, एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम सरकारी विद्मालयो मे छोडकर कही नही चल रहा जब कि राज्य सरकार व केन्द्र सरकार ने यह घोषणा की थी कि सभी विद्मालयो मे एन.सी.ई.आर.टी का ही पाठ्यक्रम चलेगा , इसके बावजुद भी प्रशासन इन विद्मालयो को अनुपालन करवा पाने मे असमर्थ है।

वही मँहगी फीस व किताबो से लेकर के पूरी ड्रेस तक की दलाली का खेल फल फूल रहा है। जहां केंद्र व राज्य सरकार सब बढे सब पढे पर अरबो रुपये पानी की तरह बहा रही है।, वही मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त विद्मालयो के हाल यह है कि अपनी अपनी दुकानें सेट करके ड्रेस टाई व किताबो मे जबरदस्त तरीके से लूट मचाये हुये है ।इस ओर जिला प्रशासन सरकार की नीतियों व शासनादेश का अनुपालन नही करवा पा रहे है।

गरीब व मध्यम श्रेणी के लोगो की इस कमरतोड मँहगाई मे अपने बच्चो को प्राइवेट विद्मालयो मे दाखिला नही दिला पा रहे है। सरकारी विद्मालयो मे पढाई स्तर बहुत ही कम.है ।क्योंकि सरकारी अध्यापक विद्मालयो मे आते तो है । मगर वह अपनी हाजिरी लगाकरके चले जाते है। सरकारी स्कूल मे पढने वालो बच्चों से आप स्वयं जाकर के किसी भी विषय मे पूँछिये तब पता चलेगा कि सरकारी विद्मालयो मे पढाई का स्तर क्या है । इसी मौके का लाभ ले रहे प्राइवेट स्कूल वाले।

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जबकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खण्ड पीठ ने यह आदेश पारित किया था कि आला अधिकारियों से लेकर के विधायक व मँत्रियो तक के बच्चे सरकारी विद्मालयो मे पढेगे। परन्तु न्यायालय के आदेश का अनुपालन इन्हें कौन करावेगा । हालात तो सरकारी विद्मालयो के बदल जाये सरकार व सरकारी विद्मालयो पर लोगो का विश्वास जागृत हो जाये लेकिन अनुपालन कराने वाले स्वयं अपने बच्चों को सरकारी विद्मालयो मे दाखिला करा के शिक्षा ग्रहण कराने लगे ।

तो सब कुछ सही हो जायेगा परन्तु सरकार के नुमाइंदे ऐसा करेगे नही । क्योंकि सभी भ्रष्टाचार मे डूबे हुये है। पहले ईस्ट इँडिया कँपनी अँग्रेजों के समय थी अब इँडिया कँपनी हो गयी है । हम पहले भी लूटे जा रहे थे। जब विदेशी थे अब हमे देशी लूट रहे है। हमे तो लुटवाने की आदत सी हो गयी है । जिन सरकारी विद्मालयो के बच्चे पढने लिखने मे कमजोर हो ऐसे अध्यापकों का बर्खास्तगी का आदेश राज्य सरकार को कर देना चाहिए।