Home Health/Accident मज़ाशाह का जाम अब भी जी का जंजाल

मज़ाशाह का जाम अब भी जी का जंजाल

रिपोर्ट एहतिशाम बेग

मुसीबत. शहर बाज़ार से मज़ाशाह शावर तक गाड़ियों की कतारें

ट्रैफिक पुलिस नदारद

लहरपुर: लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी शहर बाज़ार से मज़ाशाह शावर यूनियन बैंक ऑफ इंडिय तक ट्रकों व ट्रालियों की अटूट कतारें लगी रहीं. दिन में कई बार सड़क का दोनों फ्लैंक बिल्कुल बंद होने स्थिति में आ गया. भारी वाहनों के सुबह से देर शाम तक अंदर प्रवेश होना तब सोचनीय विषय बन गया जब प्रभारी निरीक्षक के वर्जन के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा. अपने निजी वाहनों में फंसे लोगों को शहर बाज़ार से तंबौर रोड जाने में एक घंटे का समय लग गया. जाम के कारण स्कूली वाहनों को भी इसमें फंसना पड़ा. इस कारण स्कूली बच्चे परेशान होते रहे एक महीने से लग रहा है जाम,

नहीं हो रही कोई विशेष व्यवस्था :

ट्रैफिक के मामले में लहरपुर पुलिस पूरी तरह लचर साबित हो रही है

ख़बर छपने के बाद भी नही लिया संज्ञान छेत्रधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह, व प्रभारी निरीक्षक चैप्म्पियन लाल ने नही की शहर बाजार में ओवर लोड ट्रकों व ट्रालियों की बेरिकेडिंग की कोई विशेष वेवस्था बीते एक माह से जाम लग रहा है. ट्रकों की लंबी लाइनें लगातार जमी हुई है. लापरवाही की सारी हदें पार होती नज़र आ रही है लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष जवानों को तैनात नहीं किया गया.आखिर क्यों नही निकाला जा रहा भारी वाहनों को बाई पास से ,जाम में एक भी ट्रैफिक के जवान मुस्तैद नहीं दिखे.
शुक्रवार को कटरा मोड़ व खुर्शीद मेमेरियल स्कूल मोड़ की जगहों पर जाम जैसे हालात पैदा हो गये. एक घण्टे तक जाम लगा रहा : बालू लदे ट्रकों व मालवाहक वाहनों के साथ यात्री वाहनों का दबाव शुक्रवार को भी शहर बाज़ार से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मज़ाशाह तक कायम रहा, जिस वजह से लगातार कई दिन से जाम की स्थिति यही है । शायद पुलिस प्रशासन भारी वाहनों से किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है । अब देखना यह है कि कहां तक लापरवाही बरती जाती है पुलिस प्रशासन के द्वारा यह तो भविष्य पर निर्भर है।

IMG-20181109-WA0016.jpg