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फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

फतेहपुर चौरासी,उन्नाव। ग्रामीणों को फ्लोराइड रहित शुद्ध पानी पीने के लिए क्षेत्र में सरकार द्वारा बनवाई गई पानी की टंकिया सिर्फ सफेद हांथी बनकर रह गयी है। लाखों रुपयों की लागत से बनी टंकी निष्प्रयोज्य साबित हो रही है। जिम्मेदार आफिस में बैठे पी रहे है बंद बोतल मिनिरल वाटर। वही विभागीय उदाशीनता के चलते ग्रामीण फ्लोराइड युक्त जहरीला पानी पीने को मजबूर ।
विकास खंड क्षेत्र के गांव लबानी, ओसिया व बरुआघाट गांव में लाखो रुपये से बनी पानी की टंकिया बिल्कुल निष्प्रयोज्य साबित हो रही है। इन पानी की टंकियों के संचालन हेतु कोई भी ऑपरेटर नही है और इन टंकियों में रख रखाव आदि के लिए कोई भी कर्मचारी नियुक्त नही है। ग्रामीणों की कई बार लिखित एवम मौखिक शिकायत से भी कोई हल नही निकल सका। ग्राम पंचायत ओसिया में बनी पानी की टंकी अठाइस मजरों नैनीखेड़ा,पीखी,डकौली, अटवा मोहाल ओसिया,रइयामऊ, निबहा रहीमाबाद आदि गांवों को पानी सप्लाई देने के लिए 1998 में निर्माण किया गया था। 14.98 लाख रुपयों की लागत से ढाई लाख लीटर क्षमता वाली निर्माण हुई पानी की टंकी से ग्रामीणों में फ्लोराइड मुक्त पानी की आस जगी थी किन्तु विभागीय उदासीनता के चलते धूल धूसरित साबित हो रही है।

फ्लोराइड युक्त जहरीला पानी पीने से ग्रामीणों में तरह तरह के हड्डी रोग,दंत रोग व आंत रोग आदि उत्पन्न हो रहे है।जिससे ग्रामीण असमय कॉल के गाल में समेटे जा रहे है।

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रो में फ्लोराइड युक्त जहरीले पानी के कारण ग्रामीण क्षेत्रो में टंकिया स्थापित कर आस पास के गांवो सप्लाई देकर शुद्ध पानी पहुचाने की मंशा थी लेकिन करोड़ो खर्च के वावजूद भी नतीजा जस का तस बना हुआ है।

वही क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियो का भी ग्रामीण अंचल में बनी पानी की टंकिया के प्रति रवैया ठीक नही है।

अधिशासी अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि लवानी में कुछ पैसा होने के चलते काम कराया गया है।वही अन्य जगहों पर लगभग डेढ़ वर्ष से मरम्मत के लिए विभाग से पैसा ही नही आया । कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने के वावजूद भी कोई हल नही निकला।वही ग्राम पंचायत के चौदहवे वित्त से भी मरम्मत का प्रावधान है पर ग्राम प्रधान इसमे कोई दिलचस्पी नही ले रहे है।जिससे कारण समस्या बनी हुई है।

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