Home Education/Sports विद्यालय प्रबंध तंत्र की उपेक्षा का शिकार हुए प्रेम शंकर बाजपेयी

विद्यालय प्रबंध तंत्र की उपेक्षा का शिकार हुए प्रेम शंकर बाजपेयी

 

 

रिपोर्ट अय्यूब खान 

 

बिसवां (सीतापुर)नगर का प्राचीन शिक्षा का मंदिर सरस्वती शिशु मंदिर मे अध्यापन कार्य करके अपने बच्चो का जीवन यापन करने वाले ग्राम शिवथाना निवासी प्रेम शंकर बाजपेयी को विद्या भारती परिवार सरस्वती शिशु मंदिर व संघ परिवार के त्रिगुट षडयंत्र द्वारा अध्यापन कार्य से विरत कर दिया गया है।जबकि इनका द्विवर्षीय डीएल एड अधर मे लटका हुआ है।और इनका स्थानान्तरण मोहम्मदी कर दिया गया है बाजपेयी की तीन बेटियां है जो 10 ; 9 व 4 मे पढ़ाई कर रही है और इनकी पत्नी ह्रदय रोग से पीड़ित रहती है।ऐसी परिस्थितियों मे विद्यालय प्रबंधन व विद्या भारती के पदाधिकारियों की गलत कार्य शैली के चलते उनके परिवार का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।प्रबंध कमेटी के मनमाने रवैये के चलते उन्होंने हाई कोर्ट लखनऊ मे गुहार लगायी है जिससे उनका परिवार भुखमरी की कगार से बच सके और फिर से अध्यापन कार्य से जुटकर अपने परिवार की जीविका को चला सके।