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नहीं रहे अटल बिहारी वाजपेयी हर तरफ गम का माहोल , राजनितिक लोगो ने क्या कहा जाने

नहीं रहे अटल बिहारी वाजपेयी हर तरफ गम का
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में निधन
  • कई सालों से बीमार थे अटल बिहारी वाजपेयी
  • 16 अगस्त को 5 बजकर 5 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली
  • वाजपेयी का पार्थिव शरीर एम्स से घर ले जाया गया
  • 17 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे निकाली जाएगी अंतिम यात्रा

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है और इसी के साथ एक युग का अंत हो गया है. पिछले कई सालों से अटल बीमार थे और राजनीति से दूर थे. करीब दो महीने पहले हालत बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. 15 अगस्त की शाम उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. 16 अगस्त को शाम 5 बजकर 5 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली

कल दोपहर 1.30 बजे होगा अंतिम संस्कार

अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर एम्स से घर ले जाया गया. वाजपेयी के पार्थिव शरीर को कल सुबह 9 बजे बीजेपी मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. दोपहर 1.30 बजे अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, राजघाट के करीब स्मृति स्थल में होगा अंतिम संस्कार.

मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी

  • अटल बिहारी वाजपेयी के साथ वक्त बिताना बहुत अच्छा लगता था इसमें कोई शक नहीं देश के महान नेता थे.
  • भाषण बहुत अच्छा देते थे हमने एक साथ नौ सभाओं में साथ साथ भाषण दिया उनमें घमंड नहीं था, सादगी पसंद थे.
  • खुद खाना बनाना पसंद करते थे वाजपेयी के निधन से, देश नेतृत्व विहीन का हो गया है.
  • उनके जैसा व्यवहार, सादगी और बोलने की कला किसको आती है उनके रहते बहुत कुछ सीखा जा सकता था.
  • वाजपेयी घर बुलाते थे, खाना खिलाते थे और बहुत बातें होती थीं

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत देश की कई हस्तियों ने गहरा शोक जताया

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

  • मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे.
  • अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है. अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा.
  • ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे. ओम शांति !

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्रीअटलजी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से ईंट दर ईंट बीजेपी को खड़ा किया. बीजेपी का संदेश फैलाने के लिए वो पूरे देश में घूमे जिसके बाद राष्ट्रीय राजनीति और कई राज्यों में बीजेपी एक महाशक्ति बनकर उभरी.

राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

आज भारत ने एक महान सपूत खो दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लाखों करोड़ों लोगों का प्यार और सम्मान मिला. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके चाहने वालों के साथ हैं. हम सभी उनकी बहुत कमी महसूस करेंगे

राजनाथ सिंह, गृहमंत्री

हमारे लिए बेहद दुख का वक्त है. अटलजी नहीं रहे. उनका पार्थिव शरीर कुछ देर में उनके आवास कृष्णमेनन मार्ग में रखा जाएगा ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें

वैंकेया नायडू, उपराष्ट्रपति

भारत के महान सपूत थे अटल जी. सांसद, नेता और प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने जो पहचान बनाई उसका कोई मुकाबला नहीं है

शरद यादव, वरिष्ठ नेता

  • अटल जी का गुस्सा भी प्यार भरा रहता था, मेरा व्यक्तिगत नुकसान है
  • वाजपेयी जी जैसे कद्दावर राजनेता दोबारा मिलना बहुत मुश्किल है
  • मुझे वाजपेयी का बहुत प्यार मिला है,

मुरली मनोहर जोशी, वरिष्ठ नेता, बीजेपी

  • मेरी व्यक्तिगत क्षति है, शायद राजनीति में दूसरा अटल न आए
  • दल, जाति भाषा, संप्रदाय से ऊपर उठकर सोचते थे
  • वो सिर्फ बीजेपी के नेता नहीं, बल्कि राष्ट्र नेता के तौर पर प्रतिष्ठित हुए
  • दलीय पक्षपात में उन्हें शामिल होते नहीं देखा गया
  • मूल्यों पर आधारित राजनीति की और कभी समझौता नहीं हुआ
  • मेरा और अटल जी का लंबा सानिध्य रहा है, वो हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे
  • वो राजनेता नहीं जननेता थे, लोगों के मन को जीता था

AIIMS का मेडिकल बुलेटिन

बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि 16 अगस्त 2018 को शाम 5.05 पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया. श्री वाजपेयी 11 जून 2018 से AIIMS में भर्ती थे. AIIMS के डॉक्टरों की निगरानी में बीते 9 हफ्ते से उनकी हालत स्थिर थी. दुर्भाग्य से पिछले 36 घंटों में उनकी हालत तेजी से बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों के सहारे रखा गया. तमाम कोशिशों के बावजूद हमने आज उन्हें खो दिया. हम दुख की इस घड़ी में देश के साथ हैं.

डॉ. (प्रो.) आरती विज

अध्यक्ष

मीडिया और प्रोटोकॉल डिविजन

नहीं रहे अटल बिहारी वाजपेयी

अटल के निधन के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है. 15 अगस्त को जैसे ही अटल की तबीयत बिगड़ी उनको देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के तमाम नेता एम्स पहुंचे. बीजेपी के अलावा विपक्ष के कई नेता भी उनको देखने पहुंचे थे.

16 अगस्त की सुबह ही उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को देखने पहुंचे थे.