Home Dhamtari … जब कांग्रेस ने लोकसभा के लिये छत्तीसगढ़ के पांच उम्मीदवारो...

… जब कांग्रेस ने लोकसभा के लिये छत्तीसगढ़ के पांच उम्मीदवारो का किया एलान …. कांकेर सीट पर बीरेश को सालगिरह के मौके पर कांग्रेस ने दी खास तोहफा …! खुशियां हुई दुगुनी ..परिवार सहित समर्थको में जश्न का माहौल …

छत्तीसगढ़ धमतरी . ….देर रात कांग्रेस ने लोकसभा के अपने 5 प्रत्याशियो के नामो का एलान कर दिया है …जिसमे से छत्तीसगढ के जिस 5 सीट पर उम्मीदवार के नाम का एलान हुआ है …. उसमे सरगुजा से खेलसिंह,रायगढ से लालजित सिंह राठिया,जाजगीर चापां से रवि भारद्धाज,बस्तर से दीपक बैज और कांकेर से बीरेश ठाकुर के नाम है …. इनमे से बीरेश ठाकुर बेहद खास है … जिन्हे कांग्रेस ने 26 वी सालगिरह के मौके पर उन्हे तोहफा दिया … वही इस तोहफे के बाद से उनके परिवारवालो के साथ ही समर्थको मे खुशी का महौल है …. दरअसल बीरेश ठाकुर सहित 6 भाई बहन है …. जिसमे से भारत भूषण रिटार्यड एडीजी है … राकेश ठाकर बीएसी मे सर्विस के पद पर पदस्थ है … तो रश्मि सिंग कालेज के प्रिसिंपल है …. और रायपुर में पदस्थ एडी एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के भाई है … इसके अलावा विजय ठकुर भिलाई मे टीआई के पद पर पदस्थ है …. इस तरह वह 1995 से टिकट मांग रहे हैं … पहले विधायक की टिकट मांगी …. फिर सांसद की मांगी और आखिरकार टिकट मिली सांसद की ही …. ये तीसरा लोकसभा चुनाव है जब उन्होंने टिकट के लिए दावा ठोंका है …. लेकिन मांगने और मिलने में 25 साल का इंतज़ार था …. बेहद लंबा इंतजार … साल दर साल इंतज़ार करते रहे, मांगते रहे … नहीं मिली तब भी निष्ठा कम नही हुई …. पार्टी के साथ जुड़े रहे …. काम करते रहे ….. इस दौरान वे पंचायती जनप्रतिनिधि बनते रहे …. बीरेश तीन बार भानुप्रतापपुर से जनपद अध्यक्ष रहे …. मौजूदा समय में जिला पंचायत सदस्य हैं … पूरे प्रदेश में सबसे ज़्यादा वोटों से जीतने के मामले में तीसरे नंबर पर थे …. इसके आधार पर विधानसभा चुनाव में टिकट का मज़बूत दावा किया … लेकिन टिकट इस बार भी नहीं मिली …. फिर 4 महीने बाद बीरेश ने लोकसभा की टिकट मांगी … इस बार टिकट मिल गयी तो दादा और बाप के रास्ते पर निकल पड़े …. दादा 1952 में पहली विधानसभा के सदस्य थे …. पिता 1972 से 77 तक विधायक रहे …. इन्हें पंचायत से सीधे केंद्र की राजनीति में भाग लेने का मौका मिला है …. बीरेश पार्टी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने जो ऐतबार उनपर किया है ….उस पर खरे उतरेंगे …. और हमारी जीत सुनिश्चित है …..

 

वही बीरेश को सालगिरह के मौके पर सबसे बडा तोहफा मिला है … इस तोहफे से उसकी पत्नी कंचनलता बेहत खुश है ….. और अपने पति के जीत की कामना की है ….