Home Politics दो तहसीलो के बीच फसा गेरुहा से नकैला जाने का संपर्क मार्ग

दो तहसीलो के बीच फसा गेरुहा से नकैला जाने का संपर्क मार्ग

रिपोर्ट प्रशांत अवस्थी
लहरपुर और बिसवां
दो तहसीलों के बीच फंसा गेरूहा से नकैला जाने का संपर्क मार्ग। गेरूहा गांव जो की लहर पुर तहसील में पड़ता है तथा नकैला गांव बिसवाँ तहसील के अंतर्गत आता है ।और यह मार्ग गेरूहा से शुरू होकर नकैला होतेैं हुए हरैय्या बाजार होकर कौन्सर चौराहा होते हुए यह सांडा को जाता है ।नकैला गांव के पूरब से सांडा तक काला रोड बना हुआ है परंतु गेरूहा से नकैला गांव के पश्चिम तक खड़ंजा भी नहीं है। मार्ग की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है लेकिन यह डेढ़ किलोमीटर की दूरी लोगों को 10 किलोमीटर के समान लगती है ।क्योंकि यह रास्ता पुराने समय से कंक्रीट से पटा हुआ है और रास्ते में अधिक गहरे गड्ढे इससे चार पहिया वाहन तो बड़ी मुश्किल से एक दूसरे गांव को पहुंच पाते हैं। नकैला गांव के बच्चे जो लहरपुर या अन्य जगह पढ़ते हैं उनका निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे खास बात तो यह है कि इस रास्ते पर सदियों से मिट्टी भी नहीं पड़ी है गेरूहा से बिसवॉ जाने वालों के लिए भी यह रास्ता नजदीकी है परंतु इस रास्ते पर जाना किसी को पसंद नहीं। मात्र डेढ किलोमीटर का यह रास्ता सही ना होने के कारण बिसवाँ जाने के लिए यातायात की कोई सुविधा भी नहीं है जबकि हरैया बाजार से प्राइवेट बस दिन में 3 बार बिसवाँ के चक्कर लगाती है और गेरूहा चौराहा विकसित होने के बाद भी वह बस यहां नहीं आ पाती। जिससे लोगों को काफी असुविधा होती है गेरूहा चौराहा विकसित होने के कारण नकैला के लोग काफी मात्रा में आते हैं तथा लहरपुर भी लोग इसी रास्ते से जाते हैं लेकिन यह डेढ़ किलोमीटर का रास्ता लोगों की जान निकाल कर रख देता है। बारिश के महीनों में यह रास्ता किसी नाले से कम नहीं लगता ,पूरे रास्ते पर हल्का पानी भरा रहता है। लहरपुर में शिक्षा की अच्छी व्यवस्था होने के कारण लोग अपने बच्चों का नाम लहरपुर के विद्यालयों में लिखोवातेे तो हैं, परंतु बारिश के महीनों में अधिकतर बच्चे इस रास्ते की वजह से विद्यालय नहीं पहुंच पाते, जो बच्चे जाते भी हैं तो उनकी ड्रेस पूरी कीचड़ के रंग में रंग कर कलर फुल हो जाती है तब लोगों को यह रास्ता किसी स्वर्ग की सीढ़ी से कम नहीं लगता। क्योंकि जिस प्रकार स्वर्ग की सीढ़ी चढ़ना मुश्किल है उसी प्रकार नकैला से गेरुहा तक पहुंच पाना बहुत टेढ़ी खीर है। क्या कहते है क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति। 1 नकैला ग्राम सभा के प्रधान मोहम्मद सलीम अंसारी का कहना है किस रास्ते के बारे में ना जाने कितनी बार हम प्रयास कर चुके हैं लेकिन किसी ने अभी तक ध्यान ही नहीं दिया ।और परेशानी इतनी होती है कह नहीं सकते। यह रास्ता दो विधानसभाओं के बीच फंसा हुआ है ।अबकी बार दोबारा क्षेत्र के सरकारी मेट रामगुलाम जयसवाल ने प्रस्ताव लिखा है वह प्रयास कर रहे हैं या रास्ता दो तहसीलों के बीच का है इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष जी सांसद जी ही बनवा सकते हैं।2 गेरूही में स्थित कन्हैयालाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा का कहना है की गेरूहा क्षेत्र के विद्यालयों में जो नकैला या आसपास के बच्चे होते हैं उन्हें इस रास्ते से विद्यालय आने काफी असुविधा होती है।

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