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ससुराल के जुल्मों से न्याय की आस में दर दर भटक रही है ये महिला

आगरा – योगी सरकार में पीड़िता को नहीं मिल रहा है न्याय पीड़िता आत्महत्या के लिए हो रही है मजबूर। एक ऐसा ही मामला ताजनगरी आगरा के थाना सदर का है जिसमे पीड़िता करीब 2 महीने चक्कर काटने के बाद एफ आई आर दर्ज करा करा सकी है उसके बाद भी  किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी ,पीड़िता का कहना है कि सूरज नाम का व्यक्ति उन्हें बहला फुसलाकर ले गया उसके बाद उसकी मंदिर में शादी की ,करीब तो  कुछ महीने रहने के बाद उसके घर वालों ने अच्छी लड़की से शादी  और ठीक-ठाक पैसा मिलने का झांसा उन्हें अपने दवाब में ले लिया  ।

सूरज घर वालो की  बातों में आकर आए दिन पीड़िता ललिता के साथ मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग एवं गंदी गंदी गालियां देख कर अपमान करता रहा उसके बाद जब उसे पता चला कि पीड़िता ललिता 2 महीने की प्रैग्नैंट भी है तो उसने अपने बड़े भाई शिवम से टैबलेट मंगाकर उसका गर्भपात करवा दिया कुछ दिन बाद सूरज आगरा से बाहर कहीं गया था घर पर पीड़िता अकेली घर का कार्य कर रही थी उसी समय उसके ससुर देवीसिंह ने  उनके कमरे में आए और उनके साथ जबरदस्ती करने लगे जब पीड़िता ने इसका विरोध कर इस बात को अपने पति सूरज को बताया तो उसने भी इस बात पर उनसे कुछ न कहने की बजाय उल्टा मुझे  बदचलन कहकर घर स  निकाल दिया उसके बाद पीड़िता ने थाने रिपोर्ट की लेकिन ससुराल पक्ष  जब से पीड़िता है थाने में जाकर इस बात की शिकायत की तो पीड़िता को थाने से बाहर निकाल दिया जाता था जब पीड़िता की मुलाकात बाल एवं महिला विकास कल्याण निवारण समिति की संस्था के सदस्यों की

 

महिलाओं से हुई तो उन्होंने उसको न्याय दिलाने का अस्वाशन दिया । संस्था आवाज को भी दबाने का कार्य सदर पुलिस ने बड़ी बखूबी से किया उसके बावजूद भी पीड़िता की कहीं भी सुनवाई नहीं हुई 

पीड़िता हताश होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रही है।

 

 पीड़िता  का कहना है कि यदि इन चारों आरोपीयो की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर अपनी जान दे देगी और इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। बाल एवं महिला विकास एवं शोषण निवारण कल्यान समिति की सचिव श्रीमती रानू निगम, मंडल प्रभारी ज्योति  दीक्षित व टीम नेइस प्रेसवार्ता इसलिय रखी है कि एक पीड़िता को न्याय नही मिल रहा आरोपी आज भी खुले आम घूम रहे है पुलिस प्रशासन को देखना चाहिये को इस तरह मासूम बेटियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर  उनकी जिंदगी बर्बाद की जाएगी तो अपराध और तेजी से बढ़ेगा और ऐसे लोगो का इस तरह कार्य करने में हौसले और बढेंगे।इसलिए प्रशासन से अपील हैं इस तरह के लोगो के खिलाफ ऐसा कानून बने की इस तरह का कृत्य करने से पहले 10 बार सोचे।

 

अब इस रवैये से काफी सवाल उठते हैं।

 

सवाल नम्बर 1-

योगी सरकार में पीड़िता को क्यों नहीं मिल रहा है न्याय?

 

सवाल नम्बर 2-

363 366 376 313 जैसे संगीन धाराओं में भी क्यों नहीं हो पा रही है गिरफ्तारी?

 

सवाल नम्बर 3-

पीड़िता ने आगरा के कई विधायक एवं सांसदों के दरवाजे  खटखटाये लेकिन क्यों नही मिला पीड़िता को न्याय?

 

 सवाल नम्बर 4-

पुलिस पर उठाया सवाल इतने संगीन धाराओं के बाद भी पुलिस क्यों नहीं कर पा रही है उन लोगों गिरफ्तार?

 

सवाल नम्बर 5-

क्यों पीड़िता की आवाज  का दम घोटा जा रहा है?

 

सवाल नम्बर 6-

40 दिन में  एफ आई आर दर्ज,उसके  बाद भी  गिरफ्तारी नही!आखिर क्यों?

 

 

सवाल नम्बर 7-

पीड़िता आत्महत्या के लिए हो रही है मजबूर ।इसका जिम्मेदार कौन?

 

अब देखना होगा इस खबर पर सरकार और प्रशाशन क्या संज्ञान लेगा