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टीकाकरण अभियान में अधिक से अधिक टीका लगवाने के लिए प्रभारी जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से की अपील

श्रावस्ती रिपोर्ट
श्रावस्ती। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय ने जनपदवासियों से अपील किया है कि खसरा और रूबैला टीकाकरण अभियान में 09 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका जरूर लगाया जाए। टीकाकरण का विशेष अभियान 26 नवम्बर, 2018 से प्रारम्भ हो रहा है। उन्होने कहा कि मीजिल्स रूबैला टीकाकरण अभियान के दौरान कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहने पावें। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि खसरा एक जानलेवा बीमारी है और बच्चों में अपंगता और मृत्यु के बड़े कारणों में से एक है। यह बहुत संक्रामक रोग है और यह एक प्रभावित व्यक्ति द्वारा खांसने और छीकंने से फैलता है। खसरा आपके बच्चे को निमोनिया, दस्त और दिमागी संक्रमण जैसी जीवन के लिए घातक जटिलताओं के प्रति सवेंदनशील बना सकता है। खसरा के लक्षण जैसे तेज बुखार के साथ त्वचा पर दिखाई पड़ने वाले लाल चकत्ते, खासी, बहती नाक और लाल आॅखें होना। प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि अगर स्त्री को गर्भावस्था के आरम्भ में रूबैला संक्रमण होता है तो सी0आर0एस0(जम्नजात रूबैला सिंड्रोम) विकसित हो जाता है जो भ्रूण और नवजात शिशुओं के लिए गम्भीर और घातक साबित हो सकता है। प्रारम्भिक गर्भावस्था के दौरान रूबैला से संक्रमित माता से जन्मे बच्चे में दीर्घकालीन जन्मजात विसंगतियों से पीड़ित होने की संभावनाएं बढ़ जाती है जिससे आंख(ग्लूकोमा, मोतियाबिन्दु), कान(बहरापन), मस्तिष्क (माइक्रोसिफेली, मानसिक मंदता) प्रभावित होते हैं तथा दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। रूबैला से गर्भवती स्त्री में गर्भपात, अकाल प्रसव और मृत प्रसव की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया है कि यदि आपके बच्चे को यह टीका तक भी लगवाना चाहिए यदि पहले एम0आर0/एम0एम0आर0 का टीका लग चुका हो या उसे इन दोनों में से कोई बीमारी हो चुकी है। खसरा और रूबैला से जुड़े जानलेवा परिणामों जैसे निमानिया, दस्त, दिमागी बुखार से बचाव के लिण् टीकाकरण ही एक मात्र बचाव है। यह टीका सभी टीकाकरण सत्र और सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त लगाया जाता है। जब भी बच्चे का टीकाकरण कराने जाए तब टीकाकरण/माॅ शिशु सुरक्षा कार्ड साथ ले जायें। अधिक जानकारी के लिए अपने गांव की ए0एन0एम0/आशा/आगंनवाड़ी से सम्पर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। अभियान के दौरान शिक्षण संस्थाओं/मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाय।

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