Home Social/Othar विकास कार्यक्रमों में शिथिलिता बर्दाश्त नही- मुख्यमंत्री

विकास कार्यक्रमों में शिथिलिता बर्दाश्त नही- मुख्यमंत्री

श्रावस्ती रिपोर्ट
श्रावस्ती। जन-जन के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है इसके लिए तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन विभिन्न विभागों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं/विकास कार्यक्रमों को धरातल पर उतारें, और हर पात्र व्यक्ति को जरूर लाभान्वित करें तथा यह भी ध्यान रखें कि कोई भी गरीब, असहाय, बेसहारा व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वचिंत न रहने पावे। उक्त निर्देश प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जिले के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा, प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय पाण्डेयपुर जरकुशहा एवं एफ0सी0आई द्वारा संचालित धान क्रय केन्द्र लक्ष्मननगर का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्वप्रथम पैथालाॅजी/अल्ट्रासाउन/एक्स-रे कक्ष, प्रसव कक्ष एवं पोषण एवं पुर्नवास केन्द्र का निरीक्षण किया तथा वार्ड में जाकर भर्ती बच्चों के माता पिता से भी कुशल क्षेम जाना और वंही पर उपस्थित मुख्य चिकित्साधीक्षक को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाओं को शासन के मंशानुरूप मारीजों को निःशुल्क मुहैया कराते रहने का निर्देश दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कक्षा-7 में अध्ययनरत कु0 कविता से जब किताब पढ़ने के लिए कहा तो बालिका द्वारा ढंग से हिन्दी की किताब न पढ़ पाने के कारण उन्होने नाराजगी भी जताई तथा सम्बन्धित कक्षा के अध्यापक को जिलाधिकारी ने तलब किया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि दायित्वबोध समझ कर गुरूजन अपना कर्तव्य निभावें ताकि इन नौनिहालों को तरास कर उनके भविष्य को संवारा जा सके। धान क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान लक्ष्य के अनुरूप खरीद की शिथिलगति पाये जाने पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिया कि किसान भाईयों के धान के फसल का एक-एक दाना धान क्रय केन्द्रों पर खरीदा जाए और खाते में भुगतान समय से किया जाए नही तो निश्चित ही कार्यवायी सुनिश्चित की जायेगी। उक्त निरीक्षणों के उपरान्त कलेक्ट्रेट सभागार में एसपेरेशनल डिस्ट्रिक के महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा/विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होने जोर देते हुए कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे समय से विकास कार्यों को अंजाम दें यदि इसमें किसी भी विभाग के अधिकारी द्वारा शिथिलिता मिली तो निश्चित ही उन्हे दण्डित किया जायेगा। इस जिले की साक्षरता दर पूरे भारत में आखिरी पायदान पर है जो चिन्ता का विषय है। पिछड़े जनपदों को विकसित करने के दृष्टिकोण से भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा प्रदेश के 08 जनपदों का चयन किया गया है जिसमें यह जनपद भी शामिल है और यंहा पर शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य विकास कार्यों को कराने हेतु कार्य योजना बनाकर कार्यवायी चल रही है। इससे निश्चित ही इस जनपद का आगामी कुछ ही समय में चहुमुखी विकास होकर जिले का कायाकल्प होगा और समाज में खुशहाली आयेगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर जागरूकता के अभाव में अधिक है जो चिन्ता का विषय है इस पर स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा जिला पंचायतराज अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष प्रयास करना होगा ताकि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोका जा सके। समीक्षा के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि जिला चिकित्सालय और सी0एच0सी0 पर ई0डी0एल0 और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त है। जनपद में 102 एम्बुलेन्स की संख्या 18, 108 एम्बुलेन्स की संख्या 12 तथा ए0एल0एस0 एम्बुलेन्स की संख्या 2 है। सभी उपकरण क्रियाशील है एवं सभी संचालित है। जनपद में कुल 23542 सम्भावित प्रसव के सापेक्ष 17251 संस्थागत प्रसव कराये गये है, जो लक्ष्य का 73.28 प्रतिशत है। जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों को किया गया भुगतान 99.87 प्रतिशत है। आशाओं का भुगतान 98.67 प्रतिशत किया जा चुका है। जिस पर मुख्यमंत्री जी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव हेतु लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक प्रसव हो सकें। बेशिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में इस जनपद का शिक्षा स्तर बहुत ही कम है जिसमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि शिक्षकों द्वारा बच्चों के पठन पाठन के प्रति अभिरूचि विकास की ओर विशेष ध्यान दिया जाये तथा हर विद्यालय स्तर पर क्रियेटिव लर्निंग सम्बन्धी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें इसलिए शिक्षकों को बच्चों में कैसे उनके अभिरूचि के अनुसार शिक्षा दिया जाए इसका विशेष ध्यान रखा जाय ताकि इन नौनिहालों का भविष्य सॅवारा जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि यदि जूनियर और प्राथमिक विद्यालय दोनों एक ही कैम्पस में संचालित हो रहे हैं और दोनों में से किसी एक विद्यालय में अध्यापकों की कमी है तो एक दूसरे अध्यापकों की सेवाएं सामंजस्य बनाकर ले ली जायें ताकि बच्चों की शिक्षा अध्यापकों की तैनाती तक बाधित न होने पावे। उन्होने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि अध्यापन कार्य के दौरान कोई भी अध्यापक अपना विद्यालय कदापि न छोड़े यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाय। मुख्यमंत्री जी ने सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं को गम्भीरता से सुना जाये और समय सीमा के अन्तर्गत निराकरण भी सुनिश्चित किया जाये और स्वच्छता पर विशेष बल दिया जाय। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि जिले के शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण प्रत्येक दशा में करा लिया जाय ताकि सरकार की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा सके और खाद और बीज की उपलब्धता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित रखा जाय ताकि किसान भाईयों को कोई दिक्कत न होने पावे। निर्माणाधीन मण्डी का कार्य धन आने के बावजूद न प्रारम्भ करने पर मुख्यमंत्री जी ने मण्डी के अधिकारी के उपर नाराजगी व्यक्त की तथा तत्काल मण्डी का अधूरा कार्य प्रारम्भ कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री अटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना पर प्रगति संतोष जनक न पाये जाने पर लीड बैंक आफीसर को सुधार लाने का निर्देश दिया है। संचार माध्यम की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि बी0एस0एन0एल0 नेटवर्क का जिले में ढंग से संचालन न हो पाने के कारण बहुत से तकनीकी कार्यों को समय से सम्पन्न होने में बाधा आती है। इस प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए वंही पर उपस्थित बी0एस0एन0एल0 के अधिकारी को नेटवर्किंग व्यवस्था ढंग से करने का निर्देश दिया है ताकि शासकीय कार्यों/उपभोक्ताओं को बाधा न उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के उपरान्त ग्राम विकास विभाग द्वारा संचालित स्वयं सेवी सहायता समूहों को ढंग से संचालन का निर्देश दिया है। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान बेसलाइन सर्वे, निगरानी समितियों का गठन तथा निर्मित शौंचालयों में लोगों को प्रयोग करने हेतु जागरूक करने का निर्देश दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने छात्रवृत्ति वितरण, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ,181 महिला हेल्प लाइन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना ,विद्युत विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, अवैध खनन के विरुद्ध कार्यवाही आदि की भी समीक्षा की तथा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करकें जिले को विकसित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्र्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा होने के कारण यह जनपद सवेंदनशील भी है इसलिए बार्डर क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाय ताकि अवैध रूप से कोई भी करोबार कदापि न होने पावे। महिलाओं एवं छात्राओं की विशेष सुरक्षा के लिए चाक चौबन्द व्यवस्था रहे ताकि कोई भी महिला भयमुक्त होकर कंही भी आ जा सके और छात्राओं को भी स्कूल आने जाने में भी भयमुक्त वातावरण होना चाहिए। उन्होने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि जिले के सभी थानों के क्षेत्रों में चिन्हित अपराधियों/माफियाओं/समाज के अमन चैन में खलल डालने वाले व्यक्तियों पर बेझिझक प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय, तथा निर्दोष व्यक्ति किसी भी दशा में परेशान न होने पावे इसका भी ध्यान रखा जाय तथा जनता से मित्रवत व्यवहार किया जाए। बैठक का संचालन जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किया। उक्त अवसरों पर सांसद दद्दन मिश्रा, श्रावस्ती विधायक राम फेरन पाण्डेय, भिनगा विधायक असलम राईनी, पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वी0के0 सिंह, सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जी के निरीक्षण के दौरान जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पाण्डेय, दिवाकर शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी महेश मिश्रा ओम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण/पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

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