Home Banda बुन्देलखण्ड सूखे की चपेट मे। जल देवता हुये नाराज। किसान निहार रहा...

बुन्देलखण्ड सूखे की चपेट मे। जल देवता हुये नाराज। किसान निहार रहा है मेघो को

बुन्देलखण्ड सूखे की चपेट मे। जल देवता हुये नाराज

 बाँदा रिपोर्ट के. के. गुप्ता :-आज अगर बात की जाये कि बुन्देलखण्ड की जहां खनिज सँपदा की भरमार है तथा राज्य सरकार को सबसे अधिक फायदा बुन्देलखण्ड से ही होता है। परन्तु पूरे बुन्देलखण्ड से जल के मालिक मानो इन्द्रदेव रूठ ही गये है। विगत कयी सालो से बुन्देलखण्ड सूखा तथा अकाल से जूझ रहा है। यहां का किसान आत्महत्या व पलायन करने के लिए बाध्य हो जाता है।भले ही आधे हिन्दुस्तान मे बाढ के हालात हो परन्तु बुन्देलखण्ड मे पीने के लिए पानी नही तालाब पोखरे कुओ नदियों तक मे पानी नही है।

जलस्तर इतना नीचे जा चुका है कि हैन्डपम्पो से पानी नही निकल रहा । सबमर्सिबल वाले पानी बहुत ही दोहन कर रहे है आखिर कब तक धरती माता पानी की व्यवस्था करेगी । सरकार को इस ओर भी गम्भीरता से विचार करना चाहिये और सबमर्सिबल पर प्रतिबंध लगवा देना चाहिये। बुन्देलखण्ड मे ही आखिर सूखा और अकाल की सि्थति क्यों बन रही है। सरकार को इस पहलू पर जरुर विचार करना चाहिये। पानी का जलस्तर नीचे जा रहा है बारिश हो नही रही। मेरे विचार से तो बुन्देलखण्ड मे सबसे ज्यादा प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया जाता है।

चाहे वन सँपदा हो अथवा बालू व पहाड़ों का अवैध खनन इस पर जब तक सरकार पूर्णतया लगाम लगाने मे असमर्थ रहेगी तब तक इस समस्या से निजात मिल पाना सँभव नही दिखाई दे रहा। बीच नदियों मे जलधारा रोक करके अवैध खनन होगा तो क्या होगा। एक वृक्ष लोग लगा करके तैयार नही करते और कटान बराबर जारी रहता है। किसान के खरीफ बुआई का भी समय समप्त हो रहा है ऐसी सि्थति मे राज्य सरकार को चाहिये कि बुन्देलखण्ड को सूखाग्रस्त घोषित कर देना चाहिए। बाँदा चित्रकूट साँसद भैरव प्रसाद मिश्रा ने माननीय मुख्यमंत्री को बुन्देलखण्ड को सूखा घोषित करने के लिये पत्र के माध्यम से मांग की है।