Home Banda बाँदा पृथक राज्य बुंदेलखंड के लिए बुन्देलखण्ड वासियो ने भरी हुंकार

बाँदा पृथक राज्य बुंदेलखंड के लिए बुन्देलखण्ड वासियो ने भरी हुंकार

बाँदा पृथक राज्य बुंदेलखंड के लिए बुन्देलखण्ड वासियो ने भरी हुंकार

बाँदा रिपोर्ट के के गुप्ता :-  बुंदेलखंड किसान यूनियन के नेतृत्व में बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए सभी बुंदेलखंड राज्य निर्माण से संबंधित सभी संगठनों ने बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा के नेतृत्व में बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा। विमल शर्मा का कहना है जब तक यह राज्य नहीं बन जाता इस लड़ाई को अंतिम साँस तक यह लडाई जारी रहेगी। विमल शर्मा के साथ अनिल मिश्रा हर्षित मिश्रा चंद्रशेखर अवस्थी राहुल कुमार द्विवेदी व कृष्ण कुमार दीक्षित सहित तमाम बुंदेलखंडी मौजूद रहे पिछले दिनों भाजपा के सरकार ने यह वादा किया था ढाई साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बन जाएगा परंतु भाजपा की कथनी और करनी में फर्क साफ नजर आता है

उन्होंने अपने सरकार के 4 वर्ष पूरे कर लिए परंतु उन्होंने किसी भी प्रकार की कोई ऐसी पहल बुन्देलखण्ड राज्य के लिये नहीं की ।जिससे यह पता चले कि वह राज्य निर्माण में उनका जरा भी ध्यान है बुंदेलखंड राज्य में सभी प्रकार की खनिज संपदाये पाई जाती हैं परंतु उसके बाद भी बुंदेलखंड बदहाल है उसका कारण सिर्फ बुंदेलखंड का दोहन किया जा रहा है और बुंदेलखंड को कुछ देने का काम सरकार नहीं कर रहे हैं और बुंदेलखंड राज्य ना बनवाने का सीधा कारण यह है कि अगर बुंदेलखंड राज्य बन जाएगा भारत का सबसे संपन्न राज्य कहलाएगा और किसी पर भी आश्रित नहीं रहेगा दलाल लोग हैं जो यह कहते घूम रहे हैं बुंदेलखंड राज्य बनने से बुंदेलखंड का भला नहीं होगा वह सिर्फ सरकार की दलाली करने का काम कर रहे हैं उमा भारती ने डंके की चोट में कहा था कि हम सरकार में अगर आए तो ढाई साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बनवा देंगे परंतु उमा भारती बुंदेलखंड के साथ छल करने का कार्य किया है और बुंदेलखंड को ठगा है दुख तो इस बात का है बुंदेलखंड की बेटी होने के बाद भी बुंदेलखंड की दुर्दशा पर उन्हें तरस नहीं आ रहा बड़ा गौरव महसूस किया गया था जब वह केंद्रीय मंत्री हुई थी बुंदेलखंड की एक बेटी जो केंद्र की सत्ता में काबिज है पर उन्होंने बेटी होने का कोई फर्ज नहीं निभाया बुंदेलखंड से झूठा वादा किया इसलिए हम उनके लिए तो कहते हैं की उमा भारती झूठी है बुंदेलखंड से रूठी है ।

भा.ज.पा. की पूर्ण बहुमत से सरकार होने के बाद भी बुन्देलखण्ड आज भी उपेक्षित है किसान आये दिन फाँसी लगा करके मर रहे है। तथा परिवार के भरण पोषण हेतु पलायन करने के लिये मजबूर है। जिसका नजारा दिल्ली व बाँबे जाने वाली रेलगाडियो पर देखा जा सकता है। जो कि बडे ही दुख की बात है। सबसे अधिक राजस्व बुन्देलखण्ड से राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को जा रहा है वही बुन्देलखण्ड के लोगो की दुर्दशा पर सरकार का ध्यान आकृष्ट नही हो रहा है जिस वजह से बुन्देलखण्डवासियो ने पृथक राज्य हेतु बाँदा से हुँकार भर दी है। जिसका परिणाम 2019 के चुनाव मे देखने को मिलेगा।