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सपा सरकार की किसान कामधेनु डेरी योजना किसानो के लिये बनी आफत आइये जाने इस रिपोर्ट मे

सपा सरकार की किसान कामधेनु डेरी योजना किसानो के लिये बनी आफत आइये जाने इस रिपोर्ट मे

बाँदा रिपोर्ट के के गुप्ता :-  उ. प्र. के बुन्देलखँड मे किसानो को स.पा. सरकार ने किसानो को सब्जबाग दिखाकर सारी किसानो की भूमि हडप करने की पूरी योजना तैयार कर दी थी जिसको अमली जामा पहनाने मे योगी सरकार कोई कसर नही उठा रही है। आपको हम बता दे कि बुन्देलखँड के बाँदा जनपद से कुछ ऐसे मामले तथ्य मे आये है । कि किसान के पास परिवार सहित आत्महत्या करने के आलावा कोई विकल्प नही है।

ताजा मामला तहसील अतर्रा अन्तर्गत ग्राम हडहामाफी के किसान बद्री प्रसाद तथा उदितनारायन व तहसील नरैनी अन्तर्गत ग्राम कल्यान पुर के किसान शारदा पटेल व  बबेरु तहसील के ग्राम जाखी के गिरीश चन्द्र भौरी जिला कर्वी के शिवदर्शन मिश्रा तथा ऐसे बहुत किसान है जिन्होने किसान कामधेनु डेरी योजना के अन्तर्गत बैँको से अपनी भूमि को गिरवी रखकरके ऋण लिया था। चूँकि सरकार के द्वारा दूध क्रय केन्द्र भी नही खोले गये थे। और इस योजना को धरातल पर लागू कर दिया गया था।

सीधा सादा किसान करोडपति बनने के चक्कर मे ऋण तो ले लिया लेकिन बैँक का कर्ज नही दे सका जबकि सरकार ने किसानो के साथ यह भी अनुबँध किया था कि ऋण की ब्याज शासन द्वारा पाँच सालो तक दी जायेगी मगर सरकार ने ब्याज तो दिया नही । परन्तू यह जरुर हो गया कि किसानो की भूमि नीलामी होने की प्रक्रिया सरकार द्वारा आर.सी. जारी करके शुभारँभ किया जा चुका है। अगर समय रहते सरकार इन किसानो का ध्यान नही दिया तो यह किसान जरुर आत्म हत्या करने.के लिये विवश हो सकते है तथा आने वाले 2019 के चुनाव मे सरकार को इसकी बडी कीमत चुकानी पड सकती है।

इस योजना का लाभ सफेदपोश नेताओ व पूँजीपतियो को जरुर हुआ है जिन्होने अपनी काली कमाई को सफेद कर ली है।इस सँबध मे सभी किसानो ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा जिलाधिकारी बाँदा .माननीय प्रधानमँत्री नरेन्द्र मोदी व माननीय मुख्यमँत्री आदित्यनाथ योगी उ.प्र. शासन लखन ऊ व सहायक महाप्रबन्धक इलाहाबाद बैँक मँडलीय कार्यालय हमीरपुर उ.प्र. तक गुहार लगा चुके है। आज किसानो के ऊपर करोडो रुपये का कर्ज है तथा कयी सालो से बुन्देलखँड सूखा की मार झेल रहा है तथा अन्ना प्रथा होने की वजह से बमुशि्कल दो वक्त की रोटी जुटा पाना बडी बात है तो फिर कैसे सँभव है कि किसान करोडो का कर्ज सरकार का अदा कर पायेगे। इस समय बैँक अधिकारी किसानो पर दबाव बना कर किसानो कर्ज भरपाई करने के लिये विवश कर रहे जहाँ दो जून की रोटी जुटाने मे समस्या हो तो यह ऋण कैसे भरेगे।