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चुनाव आते ही दलबदलू नेताओं की बरसाती मेढंकों की तरह टर टर्राहट शुरू

लहरपुर/सीतापुर रिपोर्ट एहतिशाम बेग:- लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओ का पाला बदलना बहुत तेजी से चल रहा है।पाला नेता वही जोरो से बदल रहे है जो राजनीति के सहारे जाति की और सिर्फ अपने ही स्वार्थ की राजनीति मे सक्रिय है। ऐसा लोगों का कहना है जैसे सपा दागी नेता रामपाल यादव , व बसपा के जासमीर अंसारी जो लोकसभा चुनाव में जातिवादी नेता के लुक में चर्चा में बने हुए हैं लेकिन अब जनता को भी लोकसभा चुनाव मे सिर्फ राष्ट्रीय पार्टी को ही तवज्जो देना होगा।दल बदल वाले नेता सिर्फ जातिगत और अपने स्वार्थ सिद्ध तक ही सिमट कर रह जाते है।

भाजपा पार्टी ने अभी लोकसभा चुनाव मे अपने पत्ते नही खोले है।वही कांग्रेस पार्टी भी दल बदलू नेता के सहारे भाजपा को संजीवनी बूटी प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।बसपा सपा गठबंधन ने सीतापुर लोकसभा प्रभारी पूर्व मंत्री नकुल दुबे व नगर विकास मंत्री को बना दिया है।लोकसभा चुनाव मे विकास के मुद्दों को तरजीह देने वाले व जो जनता के बीच सुलभ रहने वाले नेता को पार्टी प्राथमिकता प्रदान करेगी।कोई भी पार्टी हो वह अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओ को किनारे करके एयरकंडीशन कमरों मे बैठकर दल बदलू नेताओ को तवज्जो देती है और वही नेता सिर्फ जातिगत और अपने स्वार्थ तक ही सिमट कर रह जाते है।

जनता की आंखों मे धूल डालकर विभिन्न पार्टियों के नेताओ की अंदर ही अंदर साठ गाँठ करके सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध करने वाले नेताओं को ही प्राथमिकता प्रदान करेगी।। संसदीय क्षेत्र से कॉंग्रेस से संभावित प्रत्याशियों की होड़ दलबदलू नेता जासमीर अंसारी वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट होने की चर्चा जोरों पर है। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही छुटभईया नेता भी लम्बा कुर्ता पयजामा पहनकर संभावित प्रत्याशियों के इर्द-गिर्द घूमने लगे है तथा जीत हार का आंकड़ा लगाने लगे है।

गौरतलब हो कि 2019 लोकसभा चुनाव की शायद घोषणा मार्च माह के पहले पखवाड़े में होने की संभावना है जिसको मद्दे नजर रखते हुये सभी दलो के संभावित प्रत्याशियों ने अपना जन संर्पक करना तथा उनकी समस्याओं का निराकरण करने की पहल शुरु कर दी है तथा छुटभईया नेता कलफदार लम्बा कुर्ता पयजामा पहनकर अपने -अपने नेताओं का पार्टी से टिकट मिलने की जन चर्चा रटने लगे है। तथा संभावित प्रत्याशी अपने-अपने दल के आकाओं की तश्वीरे बड़े बड़े बैनर, पोस्टर में छपवाकर नुक्कड़ व चौराहों पर पर्वो की हार्दिक शुभकामनायें देने का तांता लगा हुआ है।

अगर राजनैतिक समीकरण देखा जाये तो सपा – बसपा का गठबंधन होने के कारण सीतापुर क्षेत्र से बसपा नकुल दुबे चुनाव लड़ने की होड़ में हैं लेकिन अभी टिकट का एलान होना बाकी है। उधर कांग्रेस पार्टी के नेता जासमीर अंसारी प्रत्याशी टिकेट की जुगाड़ में डाल रोटी से जुटे हैं। उधर कॉंग्रेस जातिगत व जनाधार नेता को लड़ाने की मंशा में है। अगर सत्ता दल भाजपा की बात करें तो भाजपा कार्यकर्ताओं के मुताबित वर्तमान सांसद का टिकट बदलने की बात कह रहे है उनका यह भी कहना है कि अगर भाजपा नेताओं ने टिकट नही बदला तो इस सीट को खो सकते है। गोपनीय सूत्रों की माने तो चुनाव आयोग मार्च माह के पहले या दूसरे हफ्ते में चुनाव की तिथियों का ऐलान कर सकता है। जिसकी तैयारियां जोरो पर चल रही है।

इतना ही नही सरकारी हमले ने चुनाव में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो इसके लिये रणनीति बनानी शुरु कर दी है। इंसेट— बसपा पार्टी से जासमीर अंसारी को निष्कासित कर टिकट न मिलने की चर्चाएं, कॉंग्रेस से हो सकते हैं प्रत्याशी बसपा-सपा गठबंधन होने के बाद जो दोनों दलों में सीटों का बटवारा हुआ है उसके हिसाब से सीतापुर लोकसभा सीट बसपा के खाते में आने के बाद बसपा इस सीट से नकुल दुबे ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी को उतारने का मन बना रखा है। ऐसी लोगों में चर्चा है सूत्रों की माने तो इस लोकसभा सीट से नकुल दुबे का टिकट पक्का माना जा रहा है । अब देखना यह है कि लोकसभा चुनाव में जनता का कौन सा लोकप्रिय नेता जीत कर सामने आता है यह तो भविष्य पर निर्भर करता है।