Home Health/Accident एक सफ्ताह से भोजन न मिलने पर 45 बर्षीय युवक ने तोड़ा...

एक सफ्ताह से भोजन न मिलने पर 45 बर्षीय युवक ने तोड़ा दम

सीतापुर :- लहरपुर इलाके मोहल्ला टांडा सालार में बनी कांशीराम आवास कॉलोनी में एक युवक की भूख से मौत एक शर्मनाक घटना है. जहां हम 21वीं सदी में नया इंडिया बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं जिला सीतापुर  की तहसील लहरपुर में मौत भूख से हो रही है. भुखमरी की रैंकिंग में एक-दो अंक सुधार होने पर नेताओं और सरकारों में श्रेय लेने की होड़ मच जाती है,

लेकिन ऐसी घटना के बाद जिम्मेदारी लेने से भागते नजर आते हैं प्रशासनिक अधिकारी ग़ौरतलब है लहरपुर कांशीराम कॉलोनी में रहने वाला एक परिवार का मुखिया मलखे उम्र 45 वर्ष पुत्र भगौती दो टुकड़े की जद्दोजहद करता करता उसने अपने परिवार को अलविदा कह दिया यानी भूख से  दम तोड़ दिया । पत्नी कलावती का कहना है कि पिछली छः माह पहले राशन कार्ड।ऑनलाइन करवाया था उसका परिवार बार पूर्ति निरीक्षक से गुहार लगा चुका यह परिवार फिर भी राशनकार्ड नही बन सका तब जा कर यह परिवार इधर उधर से मांग कर अपने बच्चों व अपना अर्धपेट भरता था ।

मलखे को भर पेट भोजन न मिलने से धीरे धीरे बीमार पड़ने लगा उसकी पत्नी और बच्चों व पड़ोसियों ने उसे निकटतम समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया आर्थिक स्थित खराब होने के कारण वह इलाज न करा सका जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गयी। यह बेहद शर्मनाक घटना घटित हुई यह शासन-प्रशासन के मुँह पर तमाचा साबित हो रही है कि किसी अधेड़ की भूख से जान चली जाती है जहाँ तक कि पड़ोसियों अनीस अहमद ,रियाज़ अहमद,सिराजुल हसन,शकील ,मोहर्रम अली,शफीक अहमद,झुन्नू का कहना है कि अंतिम संस्कार भी हम लोगों ने चंदा लगाकर किया है इनका कहना है मलखे कि दो पुत्र हैं जिनमें सोनू की उम्र 18 वर्ष व सोहित की उम्र 11 वर्ष है  इन सभी ने शासन से मांग की है कि राशन प्रणाली की वेवस्था चरमरा सी गयी है इसकी जांच होनी चाहिए

वह पात्र अपात्र का पता चल जाएगा नगर में किस किस कार्ड बनाये गए हैं दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाई की जाए  ताकि समाज में संदेश जाये कि गरीबों का हक खाने वाले लोगो की सिस्टम में कोई जगह नहीं है. भारत के दुनिया में छठी अर्थव्यवस्था और बिजनेस करने की रैंकिंग में सुधार जैसी बातों पर पीठ थपथपाने से पहले भोजन जैसी बुनियादी बातों पर बल देने की आवश्यकता है.